गिलोय (Tinospora cordifolia) क्या होता है ? | Benefits of giloy - PkvTechnical

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Friday, September 18, 2020

गिलोय (Tinospora cordifolia) क्या होता है ? | Benefits of giloy

गिलोय (Tinospora cordifolia) क्या होता है,और इसके औषधीय गुण क्या हैं ?

अंग्रेजी नाम -तिनोस्पोरा कॉर्डिफ़ोलिया (Tinospora cordifolia) या गिलोय को हम अनेक और क्षेत्रीय नमो से भी जानते है जैसे -  गुडुची,अमृता, भारतीय उपमहाद्वीप के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में मेनिस्पर्मेसी परिवार की एक बेल है।विभिन्न विकारों के इलाज के लिए पारंपरिक चिकित्सा में सदियों के उपयोग क्या जाता रहा है। गिलोय एक अनेक उच्च गुणवत्ता वाला पौधा-herbs है 


गिलोय (Tinospora cordifolia) क्या होता है ? | Benefits of giloy

वानस्पतिक वर्णन:

यह एक बड़ी, पर्णपाती, बड़े पैमाने पर फैलने वाली, कई लम्बी टहनियों वाली शाखाओं के साथ झाड़ी पर चढ़ता है। पत्तियां सरल, वैकल्पिक और 15 सेंटीमीटर (6 इंच) तक लंबी होती हैं, जो देखने में पान के पत्ते जैसे होती हैं। 


औषधीय गुण:

गिलोय (टीनोस्पोरा कार्डियो-फोलिया) एक जादुई जड़ी-बूटी है जो स्वास्थ्य और त्वचा संबंधी समस्याओं से निजात दिलाती है। इसका नाम हमारे इतिहास में अमृता (जीवन का अमृत) के रूप में भी वर्णित है। ऐसा कहा जाता है कि समुंद्र मंथन के दौरान, जब अमृता से भरा घड़ा समुद्र से बाहर आया, तो राक्षस इसे ले गए और भाग गए। इसलिए दौड़ते समय अमृता की कुछ बूंदें पृथ्वी पर गिर गईं, जो एक चढ़ाई की जड़ी बूटी का रूप ले ली जिसे गिलोय के नाम से जाना जाता है। तब से हम इसके जादुई गुणों का लाभ उठा रहे हैं। हाल ही में बैश्विक महामारी कोरोना (कोविद-19)  के दौरान, बाबा रामदेव ने गिलोय की मदद से कोरोना के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया का इलाज करने का दावा किया था।
हम सभी ने चवनप्राश विज्ञापनों को प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने का दावा करते हुए देखा है। क्या आप च्वनप्राश में जादुई सामग्री जानते हैं? यह गिलोय है। गिलोय का उपयोग कई औषधि योगों में किया जाता है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं जैसे कि (ant-inflammatory, anti-arthritic, anti-allergic, anti-malarial, anti-diabetic and anti-impotency) एंटी-आर्थ्रिटिक, एंटी-एलर्जी, मलेरिया, मधुमेह,और नपुंसकता जैसी अनेक बीमारीयो में लाभदायक सिद्ध हुआ है।


गिलोय के पौष्टिक तत्त्व :

इसमें  एल्कलॉइड, जैव-रासायनिक पदार्थ, स्टेरॉयड, फ्लेवोनोइड, लिग्नान, कार्बोहाइड्रेट आदि में प्रचुर मात्रा में है। इसके जैव रासायनिक उत्पादों का उपयोग कई हर्बल, आयुर्वेदिक और आधुनिक दवाओं के निर्माण में किया जाता है।



गिलोय के फायदे :


प्रतिरक्षा गुणों से भरपूर: -

इसका उपयोग प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार के लिए किया जाता है। यह हड्डियों, फेफड़ों और आंतों के संक्रामक रोगों, रक्त विकारों, आंतरायिक बुखार को ठीक करने में भी मदद करता है।


चर्म रोग ठीक करता है :

गिलोय अनेक त्वचा सम्बन्धी रोगो में लाभकारी होता है ,जैसे - धूप की कालिमा, ल्यूकोडर्मा और कुष्ठ रोग सहित सभी प्रकार के त्वचा रोगों को ठीक करने में मदद करता है।


गैस्ट्रो-आंत्र विकारों को ठीक करता है :

इसका नियमित उपयोग सभी प्रकार के गैस्ट्रो-इन्टेस्टाइनल विकारों को ठीक करता है।


दिल की बीमारियों में लाभकारी :

यह हमरे दिल  मजबूत बनाने में मदद करता है और इस महत्वपूर्ण अंग को किसी भी अन्य नुकसान से बचाता है।


कैंसर में लाभकारी :

यह स्टेम कोशिकाओं के प्रसार को बढ़ाता है और श्वेत रक्त कोशिकाओं, अस्थि मज्जा कोशिकाओं और बढ़ जाती है और एंटीबॉडी उत्पादक कोशिकाओं को बढ़ाता है। गिलोय का अर्क कीमो टॉक्सिसिटी से मुक्त रेडिकल बनाने वाले रसायनों को कम करने में उपयोगी साबित हुआ है।


तनाव काम करता है :

गिलोय अर्क का उपयोग इंसुलिन के उत्पादन में मदद करता है और ग्लूकोज को जलाने की क्षमता को बढ़ाता है। इसके उपयोग से रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद मिलती है।


मधुमेह को नियंत्रित करता है :

गिलोय अर्क का उपयोग इंसुलिन के उत्पादन में मदद करता है और ग्लूकोज को जलाने की क्षमता को बढ़ाता है। यह रक्त शर्करा के स्तर को कम करता है।


गठिया रोग में लाभकारी :

गिलोय अर्क और काढ़ा गठिया रोग, गठिया रोग में बहुत लाभदायक होता है। 


गिलोय के नुकसान (Side Effects of Giloy):

गिलोय के लाभ के साथ-साथ  इसके  नुकसान भी हो सकते हैं जैसे -

  1. गिलोय डायबिटीज (मधुमेह) कम करता है। इसलिए जिन्हें कम डायबिटीज की शिकायत हो, वे गिलोय का सेवन न करें।
  1. इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान भी इसका सेवन बिकुल भी नहीं करना चाहिए।

गिलोय को इस्तेमाल का तरीका :

काढ़ा,रस के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है , आज कल बाजार में इसके गोलिया व चूर्ण भी उपलबद्ध है , २०-३० मिली रस का सेवन करना चाहिए। 


नोट : 
यह जानकारी आपको कैसे लगी कृपया हमें comment करके जरूर बताइए। 

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