शैतान जादूगर | Moral Stories | Bedtime Stories | Hindi Kahaniya - PkvTechnical

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Sunday, November 8, 2020

शैतान जादूगर | Moral Stories | Bedtime Stories | Hindi Kahaniya

शैतान जादूगर | Moral Stories | Bedtime Stories | Hindi Kahaniya

एक राज्य में एक राजा के तीन संतान थी और तीनो ही बेटिया थी, जिससे राजा अपने उत्तराधिकारी को ले करअत्यंत चिंतित रहते थे। परन्तु वे अपने सभी बेटिओ से बहुत प्यार करते थे। 

प्रायः दुश्मन राज्यों की बुरी नज़र हमेशा रहती थी, क्यों की कोई उत्तराधिकारी नहीं था। एक दिन अचानक इसी तरह का आक्रमण होता है , सेनापति  से राजा को पता चलता है की दुश्मन राज्य ने उनपर आक्रमण कर दिया है और उनकी बेटिओ को अगवा कर के उनके राज्य पर कब्ज़ा करना चाहते है। 

सुरक्षा की दृष्टिकोण से राजा सेनापति को आदेश देते है की वे सभी तीनो पुत्रीओ को लेकर जंगल में चले जाये सेनापति ने वैसा ही किया, जंगल में काफी दूर चलने के पश्चात् राजकुमारिओ को भूख और प्यास लग जाती है। वे सेनापति को कुछ खाने पिने की बेवस्था करने को कहती है। सेनापति चले जाते है, काफी वक्त बित जाने के पश्चात भी जब सेनापति वापिस नहीं लौटते तो तीनो राजकुमारी उन्हें ढूढ़ने के लिए जंगल में काफी दूर चली जाती है। परन्तु कोई खबर नहीं मिलती है , थक-हार कर वे वापिस पहले स्थान पर आजाती है। अब शाम का अँधेरा हो जाता है और उनकी आँख लग जाती है।  वे अभी सो ही रहे थे की इतने में छोटी राजकुमारी को किसी की कदमो की आहत सुनाई पड़ती है। जो उन्ही की तरफ बढ़ रही थी, गौर से देखने पता चला की तीन लोग  परछाई उनकी तरफ बढ़ी  आरही है। राजकुमारी ने अपनी दोनों बहनो को भी जगा दिया , इनने में वे और पास आगये और अपने बारे में बताये की वे सभी राजकुमार है और इस जंगल में शिकार करने के उद्देश्य से आये है। 

राजकुमारीओ ने भी अपने साथ हुई साड़ी घटनाओ को बताया, इस पर उन राजकुमारों ने उन तीनो से शादी काने और उनके राज्य  बचाने का वादा किया। 

सभी राजकुमारिया राजकुमारों के साथ अपने राज्य वापिस आती है , और राजा उनकी शादी धूम-धाम से कर देते है। और सभी ख़ुशी-ख़ुशी रहने लगते है। 

एक साल पश्चात छोटी राजकुमारी "पालना" को एक पुत्री का जन्म होता है, और उसका नाम सभी प्यार से "प्रीति" रखते है। 

एक दिन तीनो राजकुमार शिकार के लिए जंगल में जाते है , परन्तु महीनो बीत जाने के उपरांत भी वापिस नहीं लौटे  तो सभी बहुत चिंतित हो गए और दुःख का माहौल फिर छा गया। 

एक दिन महारानी पालना अपनी बेटी प्रीति के साथ बरामदे में बैठी थी की तभी एक साधु आते है और भिक्षा देने को कहते है, पलना अंदर जाकर कुछ खाने की चीज़े लेकर आती है और साधु को देती है तभी वह साधु अचानक अपना रूप बदल लेता है, वह एक जादूगर के रूप में आजाता है और रानी को जबरदस्ती अपने साथ लेकर चला जाता है। 

प्रीति को रोटा देख घर के सभी सदस्य वहां दौरे हुए आते हैं और उसे अपने साथ अंदर ले कर चले जाते है। अब प्रीति का ख्याल उसकी मासिया रखती है। 

समय धीरे-धीरे बीतता है और अब प्रीति 12 साल की हो गई है, एक दिन वह अपनी मासिओ से कहती है की वह अपने माँ व बाकि लोगो को ढूंढने के लिए जंगल जाना चाहती है, लेकिन सभी मना कर देते है, काफी जिद करने के बाद उसे इस वादे के साथ जाने देते है की वह केवल एक महीने तक ही उन्हें खोजेगी और अगर फिर भी नहीं मिले तो वापिस महल लौट आएगी, प्रीति शर्त मान लेती है और घोड़े पे बैठ कर चली जाती है। 

जब वह जंगल में कुछ दूर चलती है की तभी एक बूढी औरत उसे मिलती है, वह उस औरत से अपने घर के लोगो के बारे में पूछती है, जिस पर वह औरत उसे समझती है की उसे यहाँ नहीं आना चाहिए था यह काफी ख़तरनाक इलाका है उसे यहाँ से वापिस लौट जाना चाहिए। इस पर प्रीति हैरानी से पूछती है की आखिर क्यों।

वह औरत उसे सारी कहानी बताती है - ये जादूगर शैतान सिंह का इलाका है, और उसी ने तुहारी माँ को शादी  के वजह से कैद कर रखा है व सभी बाकि लोगो को भी पत्थर बना कर गुफा में कैद कर रखा है। प्रीति उस औरत से बिनती करती है की वह उसे उसकी माँ व सभी को छुड़ाने में मदद करे। 

वह औरत उसे अपनी बेटी बना कर जादूगर शैतान सिंह के गुफा में उसे दाखिल करा देती है। वह पहुंच कर वह खिड़की से एक कमरे में अपनी माँ को जंजीरो में कैद देखती है और आवाज़ देती है। उसकी माँ पालना उसे देख कर पूछती है की क्या वह उसकी बेटी है , प्रीति कहती है- हाँ मे ही तुम्हारी बेटी हूँ और आपको घर ले जाने आई हूँ। इस पर रानी कहती है की यह आसान नहीं है और सारी बाते बताती है की जादूगर उससे शादी करना चाहता है उसकी बात न मानने के कारण उसे इस प्रकार से कैद किया हुआ है। 

प्रीति कहती है की माँ आप उसकी बात मान जाओ और उससे उसकी कमजोरी का पता लगाओ। और प्रीति चली जाती है। 

अगले दिन जब जादूगर आता है तो पालना उससे कहती है की वह उससे शादी के लिए तैयार है लेकिन कुछ शर्ते है। जादूगर क्या?

पालना - शादी से पहले उसे कुछ समय चाहिए ताकि वह एक दूसरे को ठीक से समझ सके और जादूगर से सवाल करती है। की क्या तुम अमर हो? क्या तुम्हारी मृत्यु नहीं हो सकती? क्या  तुम भी एक आम इन्शान जैसे हो ?

जादूगर- इतने सारे सवाल एक साथ, चलो फिर भी तुम्हे बता देते है, में अमर तो नहीं हूँ लेकिन एक आम इंसान भी नहीं हूँ, मुझे कोई सामने से नहीं मार सकता है क्यों की मेरी जान हिमगिरि पर्वत पे एक पेड़ पे बैठे तोते में है, जब तक वह तोता जिन्दा है वह जिन्दा है। 

पालना यह साड़ी बात अपनी बेटी को बता देती है, और प्रीति उस तोते की तलाश में निकल जाती है। काफी खोजने के बाद उसे वह तोता एक पेड़ पर बैठा मिल जाता है। वह उसे चॉकलेट दिखा कर निचे बुलाती है और चुपके से उसे पकड़ लेती है तथा उसकी गर्दन मड़ोड़ देती है , ऐसा करते ही जादूगर की मृत्यु हो जाती है और उसकी जादू बेअसर हो जाता है जिससे पत्थर मन चुके उसके पिता व चाचा  पहले जैसे हो जाते हैं, और सभी प्रीति की सूझ-बुझ की तारीफ करते है और महल वापिस आ जाते हैं।  

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 सारांश :- शैतान जादूगर | Moral Stories | Bedtime Stories | Hindi Kahaniya | Time Pass Stories बच्चों की कहानिया है। जिससे बच्चो को काफी शिक्षा मिलती है। 

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