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Sunday, January 15, 2023

जादुई मिर्ची आइसक्रीम वाला | Hindi Kahaniya | Moral Stories | Hindi Kahani | Bedtime Stories

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शहर में आयी corona महामारी के चलते श्याम अपने बीबी बच्चो के साथ अपने गांव नारायणपुर आ गया। ओ जैसे ही अपने  गांव पहुंचा तो देखा की वहा के लोग आज  भी उसी पुराने तौर-तरीको के साथ रह रहे थे। जब की दुनिया modern और digital हो गई थी।  नारायणपुर के लोगो का विश्वास था कि जीवन जीने के पुराने तौर-तरीके शहर के आधुनिक तरीके से ज्यादा बेहरत है। श्याम  पुरुखों की थोड़ी बहुत जमीन  जो गांव में थी। 


श्याम - गाव की हालत देख बोला इससे अच्छा तो हम शहर में थे , निर्मला उसकी पत्नी उसके हाँ में हाँ मिलाते हुए बोली यहां बच्चो की पढ़ाई की भी दिक्कत होगी। आप कहो तो हम वापस अपने घर शहर चलते हैं। 


श्याम - नहीं अब आही गए हैं तो थोड़े दिन यही रुकते हैं , तभी गांव के मुखिया जी आ जाते हैं। 

मुखिया जी - अरे स्वागत है नारायणपुर में हमें तो लगा था की अब यहां कोई नहीं आने वाला है, जमींनऔर घर ऐसे ही वीरान पड़े रहेंगे। 


श्याम -अरे मुखिया जी आप तो बिलकुल वैसे ही है जैसा बचपन में आपको आपको देखा था , आप से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा। 


मुखिया जी- मुझे भी तुम से मिलकर बहुत ही अच्छा लगा , अब आ गए हो तो अपना घर और जमीन सम्हालो खेती-बाड़ी शुरू करो। 


श्याम - माफ़ करना मुखिया जी मुझे खेती-बाड़ी करना नहीं आता है , शहर में आइसक्रीम का बिज़नेस करता था जिससे काफी पैसा कमाता था , जिससे मेरा घर काफी अच्छे से चल रहा था , वो तो शहर में आयी कोरोना बीमारी के चलते हमें गांव आना पड़ा। 


मुखिया जी- ये ice-cream क्या होता है जरा हमें भी तो पता चले पुरे गांव को बना के खिलाओ इससे सबकी दावत भी हो जाएगी और तुम्हारे आने का सबको पता भी चल जायेगा। 


मुखिया जी की बाते सुन श्याम व उसकी पत्नी सहमत हो जाते हैं और आइसक्रीम बनाने की तैयारी में जुट जाते है। 


श्याम व निर्मला ने आइसक्रीम बना कर पुरे गांव को दावत पर बुलाया , जब गांव वालो ने  ice-cream खाई तो उन्हे इतना अच्छा लगा जैसे  मानो अमृत मील गया हो। मलाई-आइसक्रीम खा कर सभी नारायणपुर वालो ने श्याम की  तारीफ की और बधाई दी। 


आइसक्रीम की दावत ख़तम होते ही मुखिया जी ने श्याम से बात की और पुरे गांव वालो की तरफ से धन्यबाद कहा। 


श्याम ने मुखिया जी से कहा अगर आपकी इजाजत हो तो मै गांव में ही आइसक्रीम का बिज़नेस शुरू करना चाहता हूँ , इससे थोड़ी आमदनी भी हो जाएगी और बच्चो का मन भी लगा रहेगा। 


मुखिया जी ने कहा अरे इसमें पूछने वाली क्या बात है , बेसक करो जब तक गांव वालो की सेहत अच्छी है हमें कोई दिक्कत नहीं है , वैसे भी ये तो दूध से न। 


श्याम व निर्मला ने मिल कर आइसक्रीम का व्यापार शुरू किया देखते ही देखते उनका व्यपार बहुत अच्छा चल गया। उनकी  बनाई आइसक्रीम पुरे गांव में पसंद की जाने लगी। उंहोने पास के ही स्कूल में बच्चो का दाखिला भी करा दिया , ऐसे उनका जीवन हंसी ख़ुशी से बीतने लगा। 


पर उनकी ये ख़ुशी ज्यादा दिन तक नहीं रह सकी,अचानक एक दिन पुरे गांव में बच्चो की तबियत ख़राब होने लगी सभी गांव वालो ने श्याम की बनाई हुए आइसक्रीम को ही कारन मानने लगे। 


एक दिन सभी गांव वालो ने मुखिया जी के साथ मिलकर श्याम के घर पर इकठा हो गए , और चिल्ला ने लगे की बाहर निकालो पुरे गांव को बीमार करके आराम से घर में बैठे हो। शोर सुन कर श्याम व उसकी पत्नी घर से बहार निकले। 


श्याम ने बड़े बिनम्रता से पूछा क्या हुआ आपलोग ये क्या कह रहे हैं , मै तो अपने आइसक्रीम में किसी भी तरह की कोई मिलावट नहीं करता , मेरे बनाये हुए मलाई-आइसक्रीम से  किसी की तबियत खराब होने का सवाल ही बही उठता। 


तभी गांव वालो में से किसी ने बोला झूठ कह रहा है मुखिया जी इसे गांव से निकल दीजिये हम पहले ही कह रहे थे किसी शहर वाले पर भरोसा मत कीजिये, ये शहर वाले भरोसे के लायक नहीं होते। 

तभी श्याम ने हाथ जोड़ते हुए बोला नहीं-नहीं ऐसा मत कीजिये मुझे अपनी बेगुनाही साबित करने का एक मौका तो दीजिये। 


मुखिया जी ने कह ठीक है तुम्हे एक हफ्ते की मोहलत देते है अगर तुम अपनी बेगुनाही साबित नहीं कर पाए तो गांव छोर कर जाना होगा। 


श्याम निकल पड़ा ये पैट लगाने की आखिर गांव वालो की तबियत कैसे ख़राब हुई , वह जहा से दूध लेता था उससे मिला तो पता चला की मुखिया जी के कहने पर उसने मिलावट की थी। मुखिया जी की बुरी नज़र उसके घर और जमींन पर थी। 


श्याम वापिस आता है और अपनी पत्नी निर्मला से मिर्ची वाली आइसक्रीम बनाने का सामान ल्याने को कहता है , हुए साथ ही शहद भी ल्याने को कहता है। इस प्रकार से श्याम मिर्ची वाली फ्लेबर की आइसक्रीम तैयार करता है और सभी बीमार बच्चो व गांव वालो को खिलता है , जिससे मुँह जलने पर उन्हें शहद खिलता है।  


इस तरह से "जादुई मिर्ची आइसक्रीम"[ magical chili ice cream] खा कर सभी ठीक हो जाते है , और श्याम पुरे गाव् को मुखिया जी की सच्चाई बताता है , सभी गांव वासी मुखिया को गांव से निकलने की बात कहते हैं परन्तु श्याम ने ऐसा करने से मना  कर देता है , और कहता है की मुखिया जी गांव में ही रहेंगे जिससे उन्हें हमेशा शर्मिंदगी का एहसास होता रहेगा। 


Moral of the story- कर भला तो हो भला अंत भले का भला।

ये कहानी "जादुई मिर्ची आइसक्रीम वाला" [magical chili ice cream] आपको कैसी लगी हमें comment करके जरूर बताएं। धन्यबाद ! 


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